Sunday को दोनों बुआ और फूफा दिल्ली से गुलरभोज जा रहे थे, तो मेरे को भी गाजिआबाद उठा लिया. हम लोग बोलते बोलते गजरौला में खाना खाए और दुपहर को गुलरभोज पहुँच गए.. फिर पूरा दिन मस्ती में ही निकला
Monday को हम बैंक का काम करने दिनेशपुर पहुंचे. उसके बाद गदरपुर का काम किया. फिर पूरे दिन मैंने मस्ती मारी.
uesday की सुबह काशीपुर गए, ईशा की driving के लिए. वहां बुआ से लैपटॉप लिया और सुबह सुबह जलेबी और लीची खाई. बुआ के यहाँ रुकने के बाद २ बजे वापस घर पहुंचे. मछली खाई. वो स्वादिष्ट थी! kites देखने का program था लेकिन हमने सोचा की बुधवार को जायेंगे. दुपहर को मैंने "New York : I love you" movie देखी. शाम को फिर गप्पे मारी.
रात को चाचा ने कहा की इसका हम admission Narsee Monjee की ५ साल वाले B.Tech + MBA(technology) program में करवा देते हैं. मैंने विरोध किया, किसी को इतनी जल्दी MBA के लिए क्यूँ फसा दो. मैंने ये भी कहा की ईशा का aptitude मेरे को MBA वाला नहीं लगता. बेहतर है की किसी अच्छे कॉलेज में इंजीनियरिंग करे, फिर कुछ दिन नौकरी करे. अगर आप Infosys /TCS में job करो कुछ दिन तो क्या बुरा है? चाचा का कहना है की ३ lac की नौकरी useless है, जब तक ज्यादा पैसा न मिले तो क्या फायेदा? फिर मुझे कहा की तेरी वजह से मैंने जो decisions esha के लिए लिए हैं वो सभी गलत थे. तू हमे misguide करता है, अब वो मेरी बातें नहीं सुनेंगे.
मैंने finally चाचा से कहा, "चाचा इस बार जहाँ भी भेजोगे, वो decision आपका है, न की मेरा. " आप responsible हो उसके लिए.
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