सुबह 8 :45 पर ट्रेन अजमेर स्टेशन पहुँच गयी, पापा अपनी गाडी में लेने आये हुए थे. सामान बहुत भारी था तो बेहतर हुआ की गाडी में ही सब रख दिया. फिर प्याज़ की कचोरी खाई. उसके बाद तो पूरा दिन Education Loan लेने में ही बीत गया. उसका भी कुछ असर तो निकला नहीं. बिना खाना खाए बहुत bhookh भी लगी थी, वैसे गन्ने का रस, मौसमी का रस इत्यादि तो पिए ही थे.कितने चक्कर लगाये बैंक के, CA के , कोर्ट के और न जाने किस किस के. वापस आ के खाना खाया और खीर खाई, फिर कुछ देर बाद ही जूता खरीद ने निकल पड़े, रास्ते में kadhaii का ढूढ़ पिया. पहले वो 5 का आता था, अब तो 10 का हो गया है !
घर पहुँच के आलू tamatar की सब्जी और रोटियां बनाई, अब शायद सोता हूँ.
0 comments:
Post a Comment